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अज्ञान से होता है वासना का जन्म-मृदुल कृष्ण

कन्नौज। कान्यकुब्ज शिक्षा एवं समाज सेवा समिति के तत्वावधान में बोर्डिंग मैदान में चल रही श्री मद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ सप्ताह के पांचवे दिन मंगलवार को आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी महाराज ने कहा कि अज्ञान से वासना का जन्म होता है। पूतना वासना का स्वरूप है। पूतना चतुदर्शी के दिन क्यों आयी क्योंकि अविद्या और वासना 14 स्थानों पर रहती है इंद्रियों को प्रभु सेवा की ओर लगाओगे तो पूतना वासना सता नहीं पाएगी।
आचार्य मृदुल कृष्ण ने कहा कि पूतना जब आयी तो भगवान ने आंखे मूंद ली भगवान हमे दिखाना चाहते हैं कि पापी से वो आंख नहीं मिलाते पूतना का स्तनपान कन्हैया करने लगे तो पूतना व्याकुल हो गयी पूतना कन्हैया को मारने के लिए आई थी कहने लगी मुझे छोड़ दो। कन्हैया बोले मुझे मेरी माता ने पकड़ना ही सिखाया है छोड़ना नहीं इस तरह पूतना का भगवान ने उद्धार किया।
आचार्य श्री ने कहा कि यह जीवन प्रभु को पाने को मिला है इसके लिए घर छोड़ने की जरूरत नहीं है सिर्फ नाम जप करते रहो। सच्चे हृदय से प्रभु से प्रेम करना सीखो आचार्य ने मंत्र दिया कि काम दुनिया के करो लेकिन याद भगवान को करो कहा कि चतुराई चौपट करे ज्ञानी गोता खाये और भोले भाले भक्त को तुरत प्रभु मिल जाएं। माखन चोरी लीला पर चर्चा करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि दूध दही मक्खन खा कर कृष्ण के अनुचर बलवान होकर अधर्म कर रहे थे कृष्ण ने यह सामान मथुरा जाने से रोका और छोटे छोटे ग्वाल वालो को खिलाया कथा प्रसंग के दौरान मंच के समीप बने छोटे मंच पर झांकी का प्रदर्शन किया गया जिसमें बालकृष्ण ने ग्वाल वालो के साथ आकर दूध दही मक्खन से भरी मटकी को फोड़ा और ग्वाल वालो को खिलाया इस दौरान “नटखट नंदकिशोर माखन कहा गयो माखन चोर” गीत पर भक्तों ने जमकर नृत्य किया आचार्य श्री ने गिरिराज गोवर्धन लीला का वर्णन किया सबसे पहले गिरिराज महाराज का पूजन किया गया मंच पर छप्पन प्रकार के व्यंजन सजाय गए और भगवान को भोग लगाया गया। भगवान कृष्ण ने गोवर्धन को उंगली पर धारण किया और इंद्र का गर्भ नष्ट किया गोवर्धन जी साक्षात बांकेबिहारी हैं ।
कथा के यजमान शिवपाल सिंह व जयदेवी ने गिरिराज महाराज का पूजन किया। नगर पालिका अध्यक्ष शैलेन्द्र अग्निहोत्री वंदेमातरम ने आचार्य श्री का माल्यार्पण कर स्वागत किया एवं परिवार सहित आरती की व राजकीय मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ नवनीत कुमार ने भी आरती की
कथा में आयोजक नवाब सिंह यादव अनुराग मिश्रा दिलीप गुप्ता दिवारीलाल धर्मेंद्र कुशवाह नंदन पाठक वीरेंद्र राजपूत दीपक वर्मा एकलव्य तिवारी ललित मेहरोत्रा अमन मेहरोत्रा उदयवीर विपिन यादव ऋषि कटियार सतेंद्र यादब अमित मिश्रा कुट्टू पांडेय पिन्टू कटियार शशिकांत सुरेंद्र यादव रमेश यादव देवराज गोल्डन मिश्रा मोहन मिश्रा फूलसिंह पवन पाल सुशील भारद्वाज आरएन मिश्रा प्रमुख रूप से मौजूद रहे। मंच संचालक रामविलास ने बताया कि विशेष महोत्सव के रूप में बुधवार 27 फरवरी को श्री रुक्मणि विवाहोत्सव व रासलीला हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा।

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